ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय अगले महीने से दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 के तहत करीब 34 हजार ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण की शुरुआत करेगा। यह प्रशिक्षण अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा।
प्रशिक्षण बैच शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा पहले चरण में 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ की गई। इनमें बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु सहित अन्य राज्य शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, 31 दिसंबर 2027 तक 3 लाख 57 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के माध्यम से गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
तीन से 12 महीने तक होगा प्रशिक्षण
दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना केंद्र प्रायोजित योजना है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के गरीब युवाओं को नियुक्ति से जुड़े कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण की अवधि पाठ्यक्रम के अनुसार तीन से 12 महीने तक निर्धारित की गई है।
डिजिटल पोर्टल से होगी निगरानी
मंत्रालय ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 का एकीकृत पोर्टल योजना से जुड़ी पूरी परियोजना प्रक्रिया को डिजिटल रूप से संचालित करने में सक्षम है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल निगरानी को भी मजबूत किया जा सकेगा।
