संवाद के दौरान पर्यटन सखियों ने साझा की अपनी विभिन्न महत्वपूर्ण उपलब्धियां, मुख्यमंत्री ने की सराहना
पर्यटन सखियों ने किया आत्मरक्षा प्रशिक्षण और हुनर का प्रभावशाली प्रदर्शन
12 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जुलाई शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 में निर्भया कोष सहायतित STDW परियोजना की युवा पर्यटन सखियों से संवाद किया। इस संवाद में पर्यटन सखियों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं, सोवेनियर निर्माण, आत्मरक्षा, पर्यटकों की सुरक्षा और उनके प्रति सहयोगात्मक व्यवहार जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान पर्यटन सखियों ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण और अपने हुनर का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस कॉन्क्लेव में SIHM’ (State Institute of Hotel Management) के भी युवक-युवतियाँ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा पर्यटन सखियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ.यादव ने कहा कि भारत के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा हैं। हमारी सरकार अगला वर्ष 2027 प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित करेगी। युवाओं के समग्र कल्याण और रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पर्यटन सखियों का आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संवाद कर पर्यटन सखियों ने बताया कि ओंकारेश्वर की पर्यटन सखियां महिला सशक्तिकरण और सेवा का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी हैं। यहां की ये बेटियां क्षेत्र की पहली ‘स्टोरी टेलर’ के रूप में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ओंकारेश्वर के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी देकर भ्रमण में सहयोग करती हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे व्हीलचेयर केयरगिवर्स के रूप में दिव्यांगजनों एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं। महिला पर्यटकों, श्रद्धालुओं और बुजुर्ग महिलाओं की सहायता के लिए ये सदैव तत्पर रहती हैं। इतना ही नहीं, ओंकारेश्वर में एकात्म धाम तथा स्टैच्यू ऑफ वननेस की प्रतिकृतियां (रेप्लिका) भी इन पर्यटन सखियों द्वारा तैयार की जाती हैं, जिन्हें विभिन्न अवसरों पर स्मृति-चिह्न (सॉवेनियर) के रूप में भेंट कर वे ओंकारेश्वर की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में नई पहचान दिला रही हैं।
पर्यटन सखियों ने किया आत्मरक्षा का प्रभावशाली प्रदर्शन
प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का नया उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। प्रदेश की लगभग 40 हजार युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 में आईं
उज्जैन की युवतियों ने संवाद कार्यक्रम के दौरान लाठी कला सहित विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपने कौशल और आत्मविश्वास का परिचय दिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवतियों को आत्मनिर्भर, सशक्त और हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम बनाना है। आवश्यकता पड़ने पर ये पर्यटन सखियां श्रद्धालुओं, महिला पर्यटकों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर रहती हैं। पूर्व में भी कई अवसरों पर इन युवतियों ने साहस, सूझबूझ और एकजुटता का परिचय देते हुए विपरीत परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उनकी सक्रिय उपस्थिति से पर्यटन स्थलों पर आने वाली महिला पर्यटक स्वयं को अधिक सुरक्षित, सहज और आत्मविश्वास से परिपूर्ण महसूस करती हैं, जिससे प्रदेश में सुरक्षित एवं संवेदनशील पर्यटन वातावरण को भी मजबूती मिल रही है।
“महिलाओं को सशक्त कर रही “सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना”
भारत सरकार के निर्भया कोष के सहयोग और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से संचालित महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन संबंधी उद्यमों में रोजगार स्वरोजगार से जोड़ने और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय समुदायों और प्रशिक्षित बालिकाओं को एक सशक्त नेटवर्क से स्थापित करना है। आपको बता दें मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से संचालित महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना को देश के बाकी राज्य भी अनुसरण करेंगे। यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री जी से हुआ यह संवाद मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र में युवतियों (युवा महिलाओं) के आने की एक बड़ी और सशक्त शुरुआत को दर्शाता है।
वर्ष 2027 होगा युवाओं का साल : युवाओं के कल्याण की इसी साल से हो गई शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगला साल (2027) प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। युवाओं के समग्र कल्याण सहित इन्हें रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने के लिया मध्य प्रदेश सरकार सभी संभव उपाय करेगी। यह संवाद मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र में युवतियों (युवा महिलाओं) के आने की एक बड़ी और सशक्त शुरुआत को दर्शाता है।
