राजधानी में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 500 से अधिक संस्थागत निवेशक, पेंशन फंड और पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन संस्थाएं हिस्सा लेंगी। इन निवेशकों के पास कुल 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियां प्रबंधन के तहत हैं। आयोजकों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
दो दिवसीय आई-ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उद्देश्य ब्रिक्स के 21 सदस्य और साझेदार देशों में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा तथा डिजिटल क्षमता से जुड़ी बैंक योग्य परियोजनाओं के लिए संप्रभु पूंजी और निवेशकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है।
‘सॉवरेन वेल्थ फंड इंस्टीट्यूट’ (एसडब्ल्यूएफआई) ने एक बयान में कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाएं बदलती वैश्विक व्यापार परिस्थितियों, अमेरिका की शुल्क नीतियों और डॉलर आधारित लेनदेन की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों के बीच अपनी आर्थिक एवं निवेश रणनीतियों में बदलाव कर रही हैं।
एसडब्ल्यूएफआई के चेयरमैन और आई-ब्रिक्स के प्रमुख सह-चेयरमैन लक्ष्मी नारायणन ने कहा कि शुल्क और प्रतिबंध पारंपरिक व्यापार एवं वित्तीय मार्गों पर दबाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में निवेश के नए रास्ते तलाशने के लिए निवेश कोषों और मंत्रालयों के बीच सीधे संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आई-ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे संवाद के लिए एक समर्पित मंच उपलब्ध करा रहा है।
सम्मेलन के दौरान भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और ब्राजील के पिक्स जैसे राष्ट्रीय त्वरित भुगतान नेटवर्क को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (सीबीडीसी) के बीच अंतर-संचालन को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
